हर मानसून में डूबते शहर, बाढ़ और भूस्खलन: क्या यह प्राकृतिक आपदा है या मानवीय विफलता?

हर मानसून में डूबते शहर, बाढ़ और भूस्खलन: क्या यह प्राकृतिक आपदा है या मानवीय विफलता?

भारत में मानसून हमेशा से जीवन, खेती और अर्थव्यवस्था का आधार रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यही मानसून अनेक इलाकों के लिए रहमत से ज़्यादा जहमत बनता जा रहा है. मुंबई में लगातार हुई बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया, लोकल ट्रेनें बार-बार रुकीं, सड़कों पर कई फ़ुट पानी भर गया और अनेक लोगों की जान चली गई. इसी बीच मौसम विभाग ने उत्तर भारत में भी भारी वर्षा की चेतावनी जारी की, जबकि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश से बादल फटने, भूस्खलन और गांवों के मलबे में दबने की खबरें सामने आईं.

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